टाइम पास मेरा शहर का चौराहा कितना फेमस हो चला था दिन के समय जितना व्यस्त रहता चहलपहल रहती उतना ही रात के सन्नाटे मे खो जाने वाला चौराहा था और इसके इसी गुण के कारण मेरा शहर के बासिंदो ने इस चौराहे का नामकरण कर दिया," गुलजार सन्नाटा चौराहा।" दिन के वक्त गुलजार और रात के समय सन्नाटा इसलिए गुलजार सन्नाटा चौराहा। आज इसी गुलजार सन्नाटा चौराहे पर कुछ दिन की छुट्टीयो पर आया अनिकेत एक चाय की दुकान पर बैठा किसी पुरानी फिल्म के गाने के बीच चाय की चुसकियो का आनन्द ले रहा था, " चांदी की दीवार न टूटी प्यार भरा दिल तोड दिया इक धनवान कि बेटी ने निर्धन का दामन छोड़ दिया ,चांदी की दीवार न टूटी... . " तभी उसकी नजर इंजीनियरिंग कालेज की आकर रुकी बस से उतरते कुछ स्टूडेंट्स पर पडी जिसमें एक जोडा उतरकर सीधे चाट बताशे की लगी ठेलिया की ओर बढ आया। अनिकेत का पूरा ध्यान उन्हीं खूबसूरत जोडे पर जाकर केंद्रित हो गया । पूरा दृश्य अपनी नजरों में कैद करने लगा जैस...