गर्लफ्रैंड एक खोज कार्तिक निहायती सीधा साधा एक शरीफ लडका था और वह उम्र के ऐसे पडाव पर आ पहुंचा था कि उसके हृदय में किसी को गर्लफ्रेंड बनाने की तीव्र इच्छा होने लगी थी हृदय मे हलचल होने लगी थी कुछ ऐसे ही जैसे बरसात वाले बादल जो आसमान में उमडते घुमडते हैं पर बरसते नहीं। बस आकर लोगों को डराते हैं तो कभी कभी उत्साहित करते हैं कुछ ऐसे ही कार्तिक के दिल हाल भी था जो गर्लफ्रैंड बनाने के लिये उतावला था। कार्तिक यही कोई तेइस चौबीस वर्ष का रहा होगा पर उसके घर में अब उस पर शादी कर लेने का दबाव बनाया जाने लगा था पर उसके हृदय में तो गर्लफ्रेंड बनाने की इच्छा जन्म ले चुकी थी ।तो ऐसे मे वह शादी कैसे कर सकता था ।वह शादी करने के सवाल पर न नुकुर करता और बहाने बना देता । हद तो तब हो गई जब लोग उसे देखने आने लगे और कई लोग तो उसे देख भी चुके थे। पर कार्तिक था कि उसने अपनी मा से कह दिया कि देखो चाहे कुछ भी हो जाए मुझे शादी ब्याह के चक्कर में अभी नहीं पडना । पहले मै अपने पैरों पर खडा हो जाऊ कुछ ढंग का काम करने लग जाऊं तब करुंगा शादी । पर सच ...